गीत के बोल
एक कदम में इतनी ठंडक कैसे?
गरम फुटपाथ मेरे पाँव जलाता है।
कदम बढ़ाया, हरी छाँव मिल गई।
शाखाएँ और पत्ते इसकी छतरी हैं।
ये कुछ धूप रोकें, छाँव ठंडी लगे।
ऊपर छतरी, नीचे मिट्टी में जड़ें,
मिलकर बनती है कुदरती ओट।
लोगों, छोटे जीवों और पास की मिट्टी को
पेड़ के पास मिलती है ओट।
शाखों में चिड़िया का घोंसला झूले।
छाल की दरार में छोटा भृंग छिपा।
लेडीबर्ड एक पत्ते के नीचे है।
जड़ों के पास भी सुरक्षित कोने हैं।
हर छोटा जीव सही जगह चुनता है।
ऊपर छतरी, नीचे मिट्टी में जड़ें,
मिलकर बनती है कुदरती ओट।
लोगों, छोटे जीवों और पास की मिट्टी को
पेड़ के पास मिलती है ओट।
हल्की बारिश पत्तों पर बजती है।
कुछ बूँदें नीचे नरमी से आती हैं।
जड़ें नम मिट्टी को थामे रखती हैं।
खुली ज़मीन से ज़्यादा कीचड़ बहता है।
ऊपर छतरी, नीचे मिट्टी में जड़ें,
मिलकर बनती है कुदरती ओट।
लोगों, छोटे जीवों और पास की मिट्टी को
पेड़ के पास मिलती है ओट।
बारिश के बाद उत्तर साफ़ मिला।
छतरी और जड़ें कुदरती ओट बनाती हैं।